Monday, 28 October 2013

 आज देख लूँ तुम्हे जी भरके 
कल रूमानी तबियत हो न हो 
झील सी आँखों वाली सुनो 

Sunday, 27 October 2013

देख रही हूँ , नववधू ब्लॉग यदि पुराना लिखा नही होगा तो, समझो मेरे पास कुछ भी नि है 
मई कुछ भी कॉपी नही कर रही हूँ 
तुमसे  दूर रहकर 
उदाश रहता है दिल 
तुम साथ न दो 
तो, हो जाती है ,
मुश्किल 
बहुत  दिन हुए 
नही हुयी थी 
तुमसे कोई बात 
यंही सोचते हुए बीत गयी थी 
कल की रात 

tum jo bhi ho


तुम जो भी हो 
ये समझ लेना 
जिंदगी नही होती 
तुमसे अलग 
जिंदगी नही थी 
कभी तेरे आने के पहले 
न होगी 
तेरे जाने के बाद