Saturday, 1 April 2017

nav vadhu: jb kisan huye paraye

nav vadhu: jb kisan huye paraye: desh me ajadi ke bad एकाएक वोट तुष्टिकरण  के लिए  किसानों के हिट दरकिनार क्र दिए गए  खेती बारी करने वाले एक डैम से अनदेखे क्र दिए गए  उ...

nav vadhu: jb kisan huye paraye

nav vadhu: jb kisan huye paraye: desh me ajadi ke bad एकाएक वोट तुष्टिकरण  के लिए  किसानों के हिट दरकिनार क्र दिए गए  खेती बारी करने वाले एक डैम से अनदेखे क्र दिए गए  उ...

jb kisan huye paraye

desh me ajadi ke bad
एकाएक वोट तुष्टिकरण  के लिए 
किसानों के हिट दरकिनार क्र दिए गए 
खेती बारी करने वाले एक डैम से अनदेखे क्र दिए गए 
उनकी सुनने वाला कोई वर्ग नही रहा 
खेती कैसे होती है 
वे औरतें कैसे जीती है 
ये सब भुला दिया गया 
और कौन पूछता उन्हें 
शायद कोई नही 
मैंने उनकी आँखों के सपनों को टूटते देखा है वे सब और से लूटी जाती 
उनमे से कितने सड़कों पर आ गए 
ये कांग्रेस या वाम-मोर्चे को पता नही 
क्योंकि वे खलिश हिंदुस्तानी थे 
उनकी इसलिए उपेक्षा की गयी 

"Ho ke majboor mujhe usne bhulaya hoga"- HAQEEAT

ZIKR HOTA HAI JAB QAYAMAT KA - Mukesh - MY LOVE (1970)

Tuesday, 24 January 2017

nav vadhu: aaj आज मोती तालाब के पास एक गौ माँ को बहुत दुर्बल ...

nav vadhu: aaj आज मोती तालाब के पास एक गौ माँ को बहुत दुर्बल ...: aaj आज मोती तालाब के पास एक गौ माँ को बहुत दुर्बल बैठे देखि  वो उठ नही सकती थी  पास में गोबर पड़ा था  मई घर गयी और  ढेर सारा भात ले आयी ...

nav vadhu: aaj आज मोती तालाब के पास एक गौ माँ को बहुत दुर्बल ...

nav vadhu: aaj आज मोती तालाब के पास एक गौ माँ को बहुत दुर्बल ...: aaj आज मोती तालाब के पास एक गौ माँ को बहुत दुर्बल बैठे देखि  वो उठ नही सकती थी  पास में गोबर पड़ा था  मई घर गयी और  ढेर सारा भात ले आयी ...

nav vadhu: aaj आज मोती तालाब के पास एक गौ माँ को बहुत दुर्बल ...

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nav vadhu: aaj आज मोती तालाब के पास एक गौ माँ को बहुत दुर्बल ...

nav vadhu: aaj आज मोती तालाब के पास एक गौ माँ को बहुत दुर्बल ...: aaj आज मोती तालाब के पास एक गौ माँ को बहुत दुर्बल बैठे देखि  वो उठ नही सकती थी  पास में गोबर पड़ा था  मई घर गयी और  ढेर सारा भात ले आयी ...

nav vadhu: aaj आज मोती तालाब के पास एक गौ माँ को बहुत दुर्बल ...

nav vadhu: aaj आज मोती तालाब के पास एक गौ माँ को बहुत दुर्बल ...: aaj आज मोती तालाब के पास एक गौ माँ को बहुत दुर्बल बैठे देखि  वो उठ नही सकती थी  पास में गोबर पड़ा था  मई घर गयी और  ढेर सारा भात ले आयी ...
aaj आज मोती तालाब के पास एक गौ माँ को बहुत दुर्बल बैठे देखि 
वो उठ नही सकती थी 
पास में गोबर पड़ा था 
मई घर गयी और 
ढेर सारा भात ले आयी 
मंगोड़े भी , और पानी भी 
वो गौ वन्ही थी 
मख्खियां भीं भिनभिना रही थी 
सब अपनी रौ में बहे जा रहे थे 
मैंने जब उस गौ को भात व् मंगोड़े दिए , तो 
उसने खा लिए 
पानी पिया 
और उठने की कोशिश करने लगी 
पर उसके पालक उसे देखने नही आये 
उसे उसके हाल पर छोड़ गए 
मुझे बहुत सुकून व् दिमाग में शांति-शीतलता महसूस हुई 
जाने वो उठेगी या नही 
बुआ जी के घर कई गौएँ अंतिम वक्त में 
ऐसे ही बैठी रह जाती थी 
और टिल टिल मरती हुई 
मृत्यु की बात जोहती थी 
काश. हमारे जिंदगी के भागते पलों में 
कुछ लम्हे हम किसी भी दुखी जिव की मदद क्र पाए 
तो, दिल को चैन मिले 

Tuesday, 1 March 2016

रूप रंग सलोना
फिर भी हो अबोला
कंही तो, एक नज़र पा  जाये
उसके जलवों से रूबरू हो जाये
दिखे रातदिन
इन्ही स्वप्न सलोना 

Monday, 29 February 2016

जब किसी के प्रति ये हो कि 
उसे देखे बिना आप को ठीक न लगे 
हमेशा लगे कि 
उससे बात करनी है पर वो आपसे बात न करे 
इन्ही नही उसकी सूरत देखे बिन 
दिन की शुरुआत न हो 
फिरभी चेहरा सामने नही हो तब, आप उसे सिर्फ तब्बसुम में 
पाएंगे , लेकिन कब तक 

Sunday, 28 February 2016

 आज अचानक ३ रीडिंग हुई है, नववधू की
ये किसी नववधू पर नही है
पर हाँ किसी नई नवेली पर लिखा है इसमें
किन्तु आजकल, सूझता ही नही कि क्या लिखूं
कभी किसी को बहलाने लिखा जैसे
सच तो ये है कि
मन कभी किसी का पुराना  नहीं होता
पर मन एकरसता से ऊब जाता है
जब  एक ही बात किसी पर लड़ते है तब बी मेरा मतलब लादते है तो
और मन इतना बेईमान है कि इसे सम्भालना अच्चन अच्छों के बश में नही है हम हमेशा
परेशान होते है, मन कंही लगता नही
और अपने मनके दोगलेपन को किस्से कहे
मन हमेशा हमारी तरफदारी नही करता
इसीलिए इसे समझने , व् सँभालने हम क्या क्या करते रहते है
सच मन को बस  भी एक समस्या है
नववधू हर कोई हर लड़की है सभी का मन नया नवेला होना और रहना चाहता है पर
हमारे मन की परवाह करे, ऐसा कोई एक बहुत मुस्किल
और तक़दीर से मिलता है 

Saturday, 21 November 2015

आश्चर्य ये है, की नववधू की रीडिंग १७ नवंबर को हुई है आजकल 
मैंने नही लिखा है, इसे ,किन्तु,जो पुराण है, वो बहुत पाया लिखा है