Monday, 3 April 2017
Saturday, 1 April 2017
nav vadhu: jb kisan huye paraye
nav vadhu: jb kisan huye paraye: desh me ajadi ke bad एकाएक वोट तुष्टिकरण के लिए किसानों के हिट दरकिनार क्र दिए गए खेती बारी करने वाले एक डैम से अनदेखे क्र दिए गए उ...
nav vadhu: jb kisan huye paraye
nav vadhu: jb kisan huye paraye: desh me ajadi ke bad एकाएक वोट तुष्टिकरण के लिए किसानों के हिट दरकिनार क्र दिए गए खेती बारी करने वाले एक डैम से अनदेखे क्र दिए गए उ...
jb kisan huye paraye
desh me ajadi ke bad
एकाएक वोट तुष्टिकरण के लिए
किसानों के हिट दरकिनार क्र दिए गए
खेती बारी करने वाले एक डैम से अनदेखे क्र दिए गए
उनकी सुनने वाला कोई वर्ग नही रहा
खेती कैसे होती है
वे औरतें कैसे जीती है
ये सब भुला दिया गया
और कौन पूछता उन्हें
शायद कोई नही
मैंने उनकी आँखों के सपनों को टूटते देखा है वे सब और से लूटी जाती
उनमे से कितने सड़कों पर आ गए
ये कांग्रेस या वाम-मोर्चे को पता नही
क्योंकि वे खलिश हिंदुस्तानी थे
उनकी इसलिए उपेक्षा की गयी
एकाएक वोट तुष्टिकरण के लिए
किसानों के हिट दरकिनार क्र दिए गए
खेती बारी करने वाले एक डैम से अनदेखे क्र दिए गए
उनकी सुनने वाला कोई वर्ग नही रहा
खेती कैसे होती है
वे औरतें कैसे जीती है
ये सब भुला दिया गया
और कौन पूछता उन्हें
शायद कोई नही
मैंने उनकी आँखों के सपनों को टूटते देखा है वे सब और से लूटी जाती
उनमे से कितने सड़कों पर आ गए
ये कांग्रेस या वाम-मोर्चे को पता नही
क्योंकि वे खलिश हिंदुस्तानी थे
उनकी इसलिए उपेक्षा की गयी
Monday, 27 March 2017
Tuesday, 24 January 2017
nav vadhu: aaj आज मोती तालाब के पास एक गौ माँ को बहुत दुर्बल ...
nav vadhu: aaj आज मोती तालाब के पास एक गौ माँ को बहुत दुर्बल ...: aaj आज मोती तालाब के पास एक गौ माँ को बहुत दुर्बल बैठे देखि वो उठ नही सकती थी पास में गोबर पड़ा था मई घर गयी और ढेर सारा भात ले आयी ...
nav vadhu: aaj आज मोती तालाब के पास एक गौ माँ को बहुत दुर्बल ...
nav vadhu: aaj आज मोती तालाब के पास एक गौ माँ को बहुत दुर्बल ...: aaj आज मोती तालाब के पास एक गौ माँ को बहुत दुर्बल बैठे देखि वो उठ नही सकती थी पास में गोबर पड़ा था मई घर गयी और ढेर सारा भात ले आयी ...
nav vadhu: aaj आज मोती तालाब के पास एक गौ माँ को बहुत दुर्बल ...
nav vadhu: aaj आज मोती तालाब के पास एक गौ माँ को बहुत दुर्बल ...: aaj आज मोती तालाब के पास एक गौ माँ को बहुत दुर्बल बैठे देखि वो उठ नही सकती थी पास में गोबर पड़ा था मई घर गयी और ढेर सारा भात ले आयी ...
nav vadhu: aaj आज मोती तालाब के पास एक गौ माँ को बहुत दुर्बल ...
nav vadhu: aaj आज मोती तालाब के पास एक गौ माँ को बहुत दुर्बल ...: aaj आज मोती तालाब के पास एक गौ माँ को बहुत दुर्बल बैठे देखि वो उठ नही सकती थी पास में गोबर पड़ा था मई घर गयी और ढेर सारा भात ले आयी ...
nav vadhu: aaj आज मोती तालाब के पास एक गौ माँ को बहुत दुर्बल ...
nav vadhu: aaj आज मोती तालाब के पास एक गौ माँ को बहुत दुर्बल ...: aaj आज मोती तालाब के पास एक गौ माँ को बहुत दुर्बल बैठे देखि वो उठ नही सकती थी पास में गोबर पड़ा था मई घर गयी और ढेर सारा भात ले आयी ...
aaj आज मोती तालाब के पास एक गौ माँ को बहुत दुर्बल बैठे देखि
वो उठ नही सकती थी
पास में गोबर पड़ा था
मई घर गयी और
ढेर सारा भात ले आयी
मंगोड़े भी , और पानी भी
वो गौ वन्ही थी
मख्खियां भीं भिनभिना रही थी
सब अपनी रौ में बहे जा रहे थे
मैंने जब उस गौ को भात व् मंगोड़े दिए , तो
उसने खा लिए
पानी पिया
और उठने की कोशिश करने लगी
पर उसके पालक उसे देखने नही आये
उसे उसके हाल पर छोड़ गए
मुझे बहुत सुकून व् दिमाग में शांति-शीतलता महसूस हुई
जाने वो उठेगी या नही
बुआ जी के घर कई गौएँ अंतिम वक्त में
ऐसे ही बैठी रह जाती थी
और टिल टिल मरती हुई
मृत्यु की बात जोहती थी
काश. हमारे जिंदगी के भागते पलों में
कुछ लम्हे हम किसी भी दुखी जिव की मदद क्र पाए
तो, दिल को चैन मिले
वो उठ नही सकती थी
पास में गोबर पड़ा था
मई घर गयी और
ढेर सारा भात ले आयी
मंगोड़े भी , और पानी भी
वो गौ वन्ही थी
मख्खियां भीं भिनभिना रही थी
सब अपनी रौ में बहे जा रहे थे
मैंने जब उस गौ को भात व् मंगोड़े दिए , तो
उसने खा लिए
पानी पिया
और उठने की कोशिश करने लगी
पर उसके पालक उसे देखने नही आये
उसे उसके हाल पर छोड़ गए
मुझे बहुत सुकून व् दिमाग में शांति-शीतलता महसूस हुई
जाने वो उठेगी या नही
बुआ जी के घर कई गौएँ अंतिम वक्त में
ऐसे ही बैठी रह जाती थी
और टिल टिल मरती हुई
मृत्यु की बात जोहती थी
काश. हमारे जिंदगी के भागते पलों में
कुछ लम्हे हम किसी भी दुखी जिव की मदद क्र पाए
तो, दिल को चैन मिले
Tuesday, 1 March 2016
Monday, 29 February 2016
Sunday, 28 February 2016
आज अचानक ३ रीडिंग हुई है, नववधू की
ये किसी नववधू पर नही है
पर हाँ किसी नई नवेली पर लिखा है इसमें
किन्तु आजकल, सूझता ही नही कि क्या लिखूं
कभी किसी को बहलाने लिखा जैसे
सच तो ये है कि
मन कभी किसी का पुराना नहीं होता
पर मन एकरसता से ऊब जाता है
जब एक ही बात किसी पर लड़ते है तब बी मेरा मतलब लादते है तो
और मन इतना बेईमान है कि इसे सम्भालना अच्चन अच्छों के बश में नही है हम हमेशा
परेशान होते है, मन कंही लगता नही
और अपने मनके दोगलेपन को किस्से कहे
मन हमेशा हमारी तरफदारी नही करता
इसीलिए इसे समझने , व् सँभालने हम क्या क्या करते रहते है
सच मन को बस भी एक समस्या है
नववधू हर कोई हर लड़की है सभी का मन नया नवेला होना और रहना चाहता है पर
हमारे मन की परवाह करे, ऐसा कोई एक बहुत मुस्किल
और तक़दीर से मिलता है
ये किसी नववधू पर नही है
पर हाँ किसी नई नवेली पर लिखा है इसमें
किन्तु आजकल, सूझता ही नही कि क्या लिखूं
कभी किसी को बहलाने लिखा जैसे
सच तो ये है कि
मन कभी किसी का पुराना नहीं होता
पर मन एकरसता से ऊब जाता है
जब एक ही बात किसी पर लड़ते है तब बी मेरा मतलब लादते है तो
और मन इतना बेईमान है कि इसे सम्भालना अच्चन अच्छों के बश में नही है हम हमेशा
परेशान होते है, मन कंही लगता नही
और अपने मनके दोगलेपन को किस्से कहे
मन हमेशा हमारी तरफदारी नही करता
इसीलिए इसे समझने , व् सँभालने हम क्या क्या करते रहते है
सच मन को बस भी एक समस्या है
नववधू हर कोई हर लड़की है सभी का मन नया नवेला होना और रहना चाहता है पर
हमारे मन की परवाह करे, ऐसा कोई एक बहुत मुस्किल
और तक़दीर से मिलता है
Saturday, 21 November 2015
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