nav vadhu
Tuesday, 29 October 2013
it reached to 600 times reading
no viewers, no readers
how can, u write
Monday, 28 October 2013
आज देख लूँ तुम्हे जी भरके
कल रूमानी तबियत हो न हो
झील सी आँखों वाली सुनो
Sunday, 27 October 2013
देख रही हूँ , नववधू ब्लॉग यदि पुराना लिखा नही होगा तो, समझो मेरे पास कुछ भी नि है
मई कुछ भी कॉपी नही कर रही हूँ
तुमसे
दूर रहकर
उदाश रहता है दिल
तुम साथ न दो
तो, हो जाती है ,
मुश्किल
बहुत
दिन हुए
नही हुयी थी
तुमसे कोई बात
यंही सोचते हुए बीत गयी थी
कल की रात
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