Friday, 31 July 2015

Sunday, 3 May 2015

प्रिय निशु 
तुम पर अभी कविता नही 
किन्तु, ये खत है तुम्हारे नाम 
कि , वो, तुम हो जिसने 
अपनी लड़ाई लड़ी , भी और जीत भी ली 
इसी तरह से 
अपने आप से 
प्यार करते रहना 
मेरी ढेर सारी शुभकामनायें 
खुश रहो 

Monday, 27 April 2015

प्रीती
प्रीती होती है , निभाने के लिए 
अफ़साने होते है , सुनाने के लिए 
गीत होते है।,गुनगुनाने के लिए 
और, रूठी हुई, प्रेयशी होती है 
प्यार से मनाने के लिए। ........