Monday, 15 July 2013

likhne ke liye, jindagi chhoti h

कुछ कवितायेँ, जो कल लिखी

साँझ जब तुम दीप जलावोगी
फिर कुछ याद कर मुस्करावोगी
सच उसी लम्हा , जाने क्यों
तुम, औरत से फूल  बन जाओगी

खुद को सजाते -संवारते हुए
जब तुम कुछ गुनगुनावोगी
रजनीगन्धा की तरह तुम भी
तब रातों को मह्कओगी

एक कलश जल
जो,तुमने गंगा की लहरों से
उलीचा था
सच कहो,
क्या ,उसी क्षण
तुमने कुछ यादों को
नही सींचा था

 जोगेश्वरी सधीर 

Sunday, 14 July 2013

ek turant likhi kavita

हाँ , यहाँ , कैफ़े की भीड़ व् शोर में लिख रही हूँ
ये कविता, तुरत -फुरत तैयार डिश की तरह
जो, शायद तुम्हारी favorit हो जाये

की, आज भी याद आती
जब भी , तू, अपने घर में
दिए जलाती है
तू, आज भी , बेतरह से
याद आ जाती है
तब मेरी आँखों में
जाने कैसी धुंध सी
छा जाती है
बहुत प्रिय है, मुझको
तेरी मुस्कान की तरह
तेरी दिये जलाने वाली
जीवनशैली
दुआ करती हूँ
तेरी वो उजली मुस्कराहट
वक़्त की धुंध में
न हो, जाये मैली 

Tuesday, 9 July 2013

anuvad ke liye likh rahi hu

अनुवाद, जो नही देख सकी

बेइरादा नजर मिल गयी तो
वो, मुझसे दिल, मेरा मांग बैठे
कैसे संभलेगा उनसे मेरा दिल
जाने वो, ये क्या मांग बैठे
अब , देखे अनुवाद 

Monday, 8 July 2013

solah ane sachchi

अनुवाद के लिए है

पूरी सोलह आनी सच्ची
ये प्रेम कहानी
इसमें दूध ही दूध है
नही जरा भी है ,पानी
चंचल , गोरिये .....

Sunday, 7 July 2013

is git ka anuvad kre

   गीत है , अनुवाद के लिए
आधी सच्ची , आधी झूठी
तेरी प्रेम कहानी
या तो, पूरा सच्चा   हो जा
या फिर करले ,बेईमानी 

anuvad dekh rahi hu

इस गीत   का अनुवाद देखो 
हम गवनवा ना अयिहे बगैर झूलनी 
चलो देखते है 

Thursday, 4 July 2013

bandh liya hai, aanchal, me

गीत है , आनंद आश्रम फिल्म का ,
सारा प्यार तुम्हारा , मैंने बांध लिया है, आँचल में
हम और पास आयेंगे , वो और पास लायेगा
जीवन के उपवन में